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सचिन तेंदुलकर जीवनी – Sachin Tendulkar Biography In Hindi

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सचिन तेंदुलकर जीवनी – Sachin Tendulkar Biography In Hindi

हम आपके साथ शेयर कर रहे है Sachin Tendulkar Biography In Hindi | सचिन तेंदुलकर जीवनी . एक ऐसे Player की कहानी जिसने Indian Cricket को नयी उचाईयो पर पहुचाया और जिसे God Of Cricket के नाम से जाना जाता है .

सचिन तेंदुलकर का जन्म – Sachin Tendulkar Birthday

जन्म – 24 अप्रैल 1973 को मुम्बई

सचिन तेंदुलकर कि पत्नी – Sachin Tendulkar Wife 

Dr. Anjali Tendulkar

सचिन तेंदुलकर कि उम्र – Sachin Tendulkar Age

46 Years

सचिन तेंदुलकर – Sachin Tendulkar

सचिन रमेश तेंदुलकर एक भारतीय पूर्व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर और भारतीय राष्ट्रीय टीम के पूर्व कप्तान हैं। उन्हें अक्सर क्रिकेट के इतिहास में सबसे महान बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। वह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं।

सचिन तेंदुलकर का परिवार – Sachin Tendulkar Family

  • पिता – रमेश तेंदुलकर
  • माता – रजनी तेंदुलकर
  • भाई – श्री अजित तेंदुलकर (बड़े) श्री नितिन तेंदुलकर
  • बहन – श्रीमती सविताई तेंदुलकर

सचिन एक मराठी ब्राह्मण परिवार में जन्मे| सचिन के पिता जी ने बड़े ही प्यार से अपने मंपसद संगीतकार सचिन देव वर्मन के नाम पर अपने बेटे सचिन को यही नाम दिया.

उनके बड़े भाई अजित तेंदुलकर ने उन्हें क्रिकेट के लिए प्रोत्साहित किया और साथ में भाई नितिन तेंदुलकर और सविता तेंदुल्कार भी है उनकी शादी सन् 1995 में अंजलि तेंदुलकर से हुई थी. सचिन के दो बच्चे हैं “सारा और अर्जुन”

सचिन तेंदुलकर जीवनी – Sachin Tendulkar Biography

5 साल के सचिन का एक ही शौक था Cricket , Cricket और सिर्फ Cricket . 5 साल की उम्र में ही सचिन अपने से बड़ो बच्चो के साथ क्रिकेट खेलते और खूब छक्के लगाते . इसे देखकर उनके बड़े भाई अजीत आश्चर्य में आ जाते .1984 में अजित 11 साल की उम्र में सचिन को लेकर महाराष्ट्या के रमाकांत अचरेकर के पास गए .उसी दिन से सचिन की आँखों में क्रिकेटर बनने का ख्याब पलने लगा . और उसी दिन घर लौटते समय सचिन ने अपने भाई से कहा मैं बाकि लोगो से अच्छा खेल सकता हु . यह था 11 साल के सचिन का आत्मविश्वास.

सचिन तेंदुलकर कोच – Sachin Tendulkar Coach

रमाकांत आचरेकन ने सचिन को तराशना शुरू कर दिया . पर रमाकांत आचरेकन को सचिन की Bat पकड़ने के तरीके से तोड़ी दिक्कत थी उन्हें लगता था इस तरह से bat पकड़कर अच्छा शॉट नहीं खेला जा सकता . तो उन्होंने सचिन की bat पकड़ने के तरीके में बदलाब किया पर सचिन उसके साथ comfortable नहीं थे और उन्होंने रमाकांत आचरेकन से request की , की मुझे वैसे ही bat पकड़ने दिया जाये , आज भी सचिन Bottom से ही bat पकड़ते हैं . और उन्हें यह आदत पढ़ी थी बचपन में छोटे सचिन बड़े भाई के bat से क्रिकेट खेलते और उनके छोटे छोटे हाथो से बड़ा bat पकड़ने में उन्हें दिक्कत होती इसलिए वह उसे नीचे से पकड़ते .

नन्हे Sachin Tendulkar अपने खेल का हर रिकॉर्ड अपनी dairy में लिखते . एक गुरु ही अपने शिष्य को समझ सकता है . रमाकांत आचरेकन ने सचिन की क्षमता को और निखारने की एक तरकीब निकाली . रमाकांत आचरेकन रोज़ 1 रुपए का सिक्का रखते और कहते जो सचिन को आउट करेगा उसे 1 रुपए का सिक्का दिया जाएगा , पर सचिन को कोई आउट ही नहीं कर पाता . और वह एक रुपए का सिक्का सचिन ही लेकर जाते .

जब सचिन 14 साल के थे तब अपने समय के महानक्रिकेटर सुनील गावस्कर ने सचिन को अपने लाइट pad दिए जिसने सचिन को क्रिकेट में अच्छा प्रदशन करने को और encourage किया . और २० साल बाद इसी सचिन ने सुनील गावस्कर के टेस्ट मैच में 34 centuries के रिकॉर्ड को तोड़ा .

सचिन तेंदुलकर का सिलेक्शन – Sachin Tendulkar Selection

15 साल की उम्र Sachin Tendulkar का मुंबई टीम में selection हुआ ।1988 में सचिन ने गुजरात के against 100 रन की नवाद पारी खेली . और इसी साल सचिन ने दुलीप ट्रॉफी , ईरानी ट्रॉफी , रणजी ट्रॉफी में लगातार शतक लगाया और ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए .

16 साल की उम्र में 1989 में कराची में सचिन ने Indian Cricket team की तरफ से पाकिस्तान के खिलाफ पहला मैच खेला. और 15 रन बनाकर सचिन आउट हो गए . और इसी सीरीज में पेशावर में सचिन के नाक पर गेंद लगने की वजह से चोट लगी पर सचिन रुके नहीं और पूरा मैच खेला और 54 रन बनाये .

1990 में इंग्लड में पहली Century मारी . और इंग्लैंड में सचिन की पारी को देखकर सचिन की तुलना महान खिलाड़ियों में की जाने लगी . 1991-1992 के ऑस्ट्रेलिया टूर में सचिन ने 148 रन बनाये . और 1994 में इंडियन टीम में ओपनर की जगह ले चुके थे.

2003 World Cup

2003 में Cricket World कप में सचिन ने 11 Match में 673 रन बनाये जिससे इंडिया फाइनल तक पहुच गयी पर ऑस्ट्रेलिया से हार गयी . पर सचिन को मन ऑफ़ Man of the Tournament award दिया गया.

पर 2005-2006 में सचिन को टेनिस एल्बो की शिकायत हो गयी . फिर माना जाने लगा सचिन अब क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे . पर अपने कठिन समय से निकलते हुए सचिन ने २००७ में इंडियन क्रिकेट टीम में वापसी की और 11,000 test runs पुरे किये. Border-Gavaskar ट्रॉफी में , 2007–08, ४ टेस्ट मैच में 493 रन बनाये .

Sachin ने एक बार फिर 2011 World Cup में बहुत उम्दा प्रदर्शन किया और 482 रन्स बनाये जिसमे दो centuries भी थी . इंडिया ने श्रीलंका को हराकर वर्ल्ड कप जीत और यह सचिन का पहला वर्ल्ड कप था .

सचिन तेंदुलकर पुरस्कार – Sachin Tendulkar Awards

  • Sachin पहले cricketers थे जिन्होंने ODIs में double सेंचुरी बनायीं , और एक मात्रा ऐसे खिलाडी हैं जिन्होंने 100 centuries और अंतर्राष्टीय क्रिकेर्ट में 30, 000 runs बनाये .
  • Sachin Tendulkar पास Test Cricket and the One Day Internationals में सबसे ज़्यादा रन और centuries बनाने का रिकॉर्ड है .
  • सचिन ने 15921 runs और 51 centuries Test क्रिकेट में बनायीं और ODIs, में सचिन ने 18,426 runs और 49 centuries बनायीं .
  • ODIs में डबल सेंटूरीस बनाने वाले वह पहले खिलाडी हैं .
  • 1997-98 में सचिन तेंदुलकर को Rajiv Gandhi Khel रत्न अवार्ड दिया गया ,
  • और November २०१३ में सचिन ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया .
  • 2014 में सचिन को भारत रत्न अवार्ड से नवाज़ गया .
  • सचिन न केवल पहले ऐसे खिलाडी हैं जिन्हें भारत रत्न अवार्ड मिला बल्कि सबसे काम उम्र में भारत रत्न पाने वाले व्यक्ति है .

सचिन तेंदुलकर के अनमोल विचार –

Sachin Tendulkar Quotes

  1. मुझे हार से नफरत है और क्रिकेट मेरा पहला प्यार है, एक बार जब मैं मैदान में प्रवेश कर जाता हूँ तो यह पूरी तरह से एक अलग क्षेत्र होता है और वहां हमेशा जीत की भूख होती है.
  2. हर खिलाड़ी को निराशा के बाद अपने पैरों पर खड़े होकर लड़ना जरूरी होता है।
  3. काम में लगे रहने की आदत मुझे मेरी मां से मिली। वो दिन रात काम में लगी रहती थी, कभी नहीं थकती थी।
  4. मै conditions के लिए तैयारी करता था। कोई individual bowler के लिए… ऐसी कोई तैयारी नहीं करता था। अगर की है… तैयारी तो… सिर्फ वो Shane Warne के लिए की है।
  5. क्रिकेट खेलना मेरे लिए मंदिर जाने के जैसा था। मैं हमेशा जीतने के लिए खेलता था। किसी भी कीमत पर हारना नहीं चाहता था।
  6. स्टेडियम में Sachinnn…. Sachinnnnnn.. की गूंज, उससे बढ़कर कोई feelings नहीं है।
  7. क्रिकेट में रोल मॉडल की बात करें तो… मेरे दो रोल मॉडल थे… सुनील गावस्कर और विवियन रिचर्ड्स।
  8. क्रिकेट दिल में होना चाहिए, उम्र में नहीं..।
  9. मै भगवान नहीं हूं; मैं केवल क्रिकेट खेलता हूं। ऊपर वाले का आशीर्वाद है, अब तक जो भी मेरे जीवन में आया, उसके लिए भगवान का शुक्रगुजार हूं।
  10. हम सभी गलतियां करते हैं; अगर मैं गलती नहीं करता तो कभी आउट ही नहीं होता।
  11. अपने मैच से पहले मैं थोड़ी तैयारी करता हूं। आम जीवन में भी मानसिक तैयारी की जरूरत होती है।

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