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पढाई के दौरान की जाने वाली 5 सामान्य गलतिया – 5 Common Mistakes During Studies

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पढाई के दौरान की जाने वाली 5 सामान्य गलतिया – 5 Common Mistakes During Studies

ज्यादातर students पढ़ाई करते समय struggle करते है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वो कुछ mistakes कर रहे होते है जिनके बारे में उन्हें खुद पता नहीं होता है।इन mistakes के बारे में एक साधारण जागरूकता, विशेष रूप से, आपको लंबे समय में अपने प्रदर्शन को विशेष रूप से, आपको लंबे समय तक आपके प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।

आज में आपको ऐसी 5 mistakes के बारे में बताने जा रहा हूँ जो मुमकिन है आप पढ़ाई के दौरान कर रहे हो। इन mistakes को identify करके इन्हें आप हटा सकते है और अच्छे पढ़ाई के समय का आनंद ले सकते है।

No Definite Goal – कोई निश्चित लक्ष्य नहीं

यह उन सामान्य गलतियों में से एक है जो छात्र अपनी परीक्षा की तैयारी के दौरान करते हैं। वे अपने मन में एक निश्चित लक्ष्य नहीं बनाते, एक निश्चित लक्ष्य के बिना सभी सब्जेक्ट्स को एक साथ में पढ़ने की कोशिश करते हैं। नतीजा वे अपने main फोकस से हट जाते हैं।

अपने आप से यह सरल प्रश्न पूछें: “आपकी आने वाली परीक्षा के लिए आपका लक्ष्य क्या है?”

अपने आपको रीयलिस्टिक आंसर दें। स्वयं का आकलन करें, वास्तविक रूप से आप कितना स्कोर प्राप्त करने योग्य हैं। इसमें आपकी information retention ability, आपकी रुचियां और वह प्रयास शामिल होना चाहिए जो आप अपने लक्ष्य को पाने में दे सकते हैं।

एक बार जब आप अपने लक्ष्य के बारे में जानते हैं, तो आपके लिए उसी के आधार पर अपनी योजना को व्यवस्थित करना आसान हो जाता है।

Starting Too Late – देर से शुरू करना 

कई छात्र बहुत ज्यादा सोचते हैं। उन्हें लगता है कि वे आज से तैयारी शुरू कर देंगे, लेकिन जल्द ही, सुस्ती के परिणामस्वरूप शिथिलता आ जाती हैं और परिणामस्वरूप, वे इसे और विलंबित कर देते हैं।

अगले दिन, फिर अगला, उसके बाद वाला और फिर धमाका! परीक्षा ठीक दूसरे ही दिन होती है। दबाव बनाता है, तनाव ज्यादा हो जाता है, परिणाम कुछ भी तईयारी नहीं हो पाती।

इसलिए ‘अगले दिन’ की अवधारणा पर कभी विश्वास न करें। आज से ही शुरू करें। इस तरह, आप अपनी परीक्षा के दिनों में खुद को तनाव से दूर रख पाएंगे। आपके रिजल्ट्स में पहले की तुलना में बहुत सुधार होगा।

100% Reliability On Teachers For Exam Preparations – परीक्षा की तैयारी के लिए शिक्षकों पर 100% विश्वसनीयता

कई छात्रों का यह दृढ़ विश्वास है कि वे अपनी परीक्षाओं के लिए तब तक तैयार नहीं हो पाते, जब तक वे अपने ट्यूशन क्लासेज अटेंड नहीं करते हैं और अपने शिक्षकों को बड़े ध्यान से सुनते हैं। परिणामस्वरूप, अधिकांश लोग स्वयं भी अध्ययन करने का प्रयास नहीं करते हैं।

अब, यह एक गलती है।

आपके शिक्षक आपको सफलता की राह दिखाएंगे। लेकिन उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आपको खुद ही उस रास्ते पर चलना होगा। आपके शिक्षक और ट्यूटर आपको आपकी परीक्षाओं के लिए सलाह, नोट्स और कुछ study materials देंगे। लेकिन आपको उन सभी का अध्ययन अपने दम पर करना होगा।

आपके शिक्षक आपको सफलता की राह दिखाएंगे। लेकिन उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आपको खुद ही उस रास्ते पर चलना होगा। आपके शिक्षक और ट्यूटर आपको आपकी परीक्षाओं के लिए सलाह, नोट्स और कुछ study materials देंगे। लेकिन आपको उन सभी का अध्ययन अपने दम पर करना होगा।

इसलिए पूरी तरह से अपने अपने शिक्षकों और ट्यूटर्स पर निर्भर न रहें। लम्बी रेस में सफलता पाने के लिए अपने आप पर विश्वास करें।

Incomplete material – अधूरी अध्ययन सामग्री

जो सबसे आम गलती students पड़ते समय करते है वो है अधूरी सामग्री के साथ पढ़ाई करना। एक कहावत है की जिस छेत्र में आपके पास जितना ज्यादा और उत्तम ज्ञान होता है उस छेत्र में आप उतना ही confident महसूस करते है। जब आप किसी ऐसी सामग्री से पढ़ाई करने की कोशिश करते है जिसे आप खुद अच्छा नहीं मानते तो आप अच्छी तरह नहीं पढ़ पाते है। उदाहरण के लिए यदि आप किसी दूसरे student के द्वारा बनाए गए class notes से पढ़ने की कोशिश करते है तो इसे incomplete material माना जाता है।

आपको हमेशा किसी trusted study material से ही पढ़ाई करनी चाहिए। जैसे की आप उस subject से related best author की book खरीद सकते है। या फिर कोई भी ऐसा study source जिस पर आपको पूरी तरह विश्वास हो। जब आप किसी अच्छे study material से पढ़ाई करते है तो आपका confidence automatically high हो जाता है।

No schedule – कोई अनुसूची नहीं

एक और जो सबसे बड़ी गलती students पढ़ाई करते समय करते है वो है बिना किसी plan और schedule के पढ़ाई करना। जब आप एक schedule को follow करते हुए पढ़ाई करते है तो आपका दिमाग ज्यादा focused और confident होता है। Schedule को follow करते हुए आप दिमाग को संकेत देते है की इस समय सिर्फ पढ़ाई पर concentrate करना है। इससे दिमाग active हो जाता है और आप information को तेजी से समझ पाते है।

जब आप बिना किसी schedule के पढ़ाई करते है तो आपका दिमाग़ इतना focused नहीं होता है क्योंकि उसे पता नहीं होता है की पड़ी जाने वाली information के साथ क्या करना है। ऐसी situation में दिमाग़ उस information को भुला देता है।

Passive learning – निष्क्रिय शिक्षा

भारत में 90% students passive learners है। ये वो learners होते है जो information को अपने दिमाग तक पहुंचाने और उसे वहाँ लंबे समय तक store करने के लिए कोई activity नहीं करते है। केवल study material को पढ़ना ही पर्याप्त नहीं होता है आपको इसे अपने दिमाग की जड़ों तक पहुंचाने के लिए कोई न कोई activity जरूर करनी चाहिए। उदाहरण के लिए आप पढ़ते समय important points को mark कर सकते है या notes बना सकते है।

Not paying attention in classes – कक्षाओं में ध्यान नहीं देना

ज्यादातर students की ये मान्यता है की classes सिर्फ बातें करने के लिए होती है और college सिर्फ attendance  और मौज मस्ती के लिए जाना होता है। ऐसा कई कारणों से हो सकता है। उदाहरण के लिए कई students सोचते है की जब अंत में रट के ही pass होना है तो क्यों फालतू classes में दिमाग़ waste किया जाये।

बहुत कम students मानते है की classes में teachers के द्वारा important concepts समझाए जाते है और एक college शिक्षा का मंदिर होता है। आपकी studies में कुछ ऐसे concepts भी होते है जो आप खुद नहीं समझ सकते है। यदि आप classes में ठीक तरह से ध्यान दे तो आपका studies को लेकर pressure काफ़ी हद तक कम हो जाता है। जब आप classes में ठीक तरह से ध्यान देते है तो subjects को लेकर आपका confidence भी बढ़ता है।

और अंत में मुख्य बात ये की कुछ भी करने से पहले किसी भी स्टूडेंट्स को अपना  बनाये Concentration Level High रखना चाहिए, ताकि जिस एग्जाम की भी आप तैयारी कर रहे हो उसमे शत प्रतिशत सफलता मिले

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