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मैसूर पैलेस (अंबा विलास महल ) की जानकारी – Mysore Palace Information In Hindi

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मैसूर पैलेस (अंबा विलास महल )- Mysore Palace In Hindi

मैसूर पैलेस (अंबा विलास महल ) – Mysore Palace/Amba Vilas Palace

Mysore Palace In Hindi, मैसूर पैलेस भारत के कर्नाटक राज्य में मैसूर शहर में स्थित एक ऐतिहासिक ईमारत है। मैसूर के इस किले को अंबा विलास पैलेस के नाम से भी जाना जाता हैं। मैसूर पैलेस शाही परिवार का महल रहा है और आज भी इस महल पर उन्ही का अधिकार है। जिस भूमि पर यह महल खड़ा हैं वह पुरगिरी के नाम से जानी जाती हैं। यह पैलेस मैसूर शहर के केंद्र में स्थित हैं और इसका मुख चामुंडी हिल्स की ओर हैं। आमतौर पर मैसूर को ‘महलों के शहर’ के नाम से जाना जाता हैं।

इस भव्य किले सहित सात महल इस शहर की शोभा बढ़ा रहे हैं। मैसूर पैलेस ताज महल के बाद भारत के सबसे आकर्षित पर्यटक स्थलों में शामिल हैं और यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या लगभग सालाना 6 मिलियन से भी अधिक हैं । मैसूर पैलेस Unesco Heritage में भी शामिल है |अगर आप मैसूर पैलेस और इसके नजदीकी पर्यटक स्थलों के बारे में जानना चाहते हैं। तो हमारे इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़े।

मैसूर पैलेस की जानकारी – Mysore Palace Information

मैसूर पैलेस कहां स्थित है? – Where is Mysore Palace

दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य के मैसूर शहर में स्थित है।

मैसूर पैलेस को किसने बनवाया था? – Who is Built Mysore Palace

मैसूर पैलेस को महाराज राजर्षि महामहिम कृष्णराजेंद्र वाडियार चतुर्थ ने बनवाया था।

मैसूर पैलेस को कब बनवाया गया था और इसे बनने में कितना समय लगा था? – When is Built Mysore Palace

मैसूर पैलेस का निर्माण कार्य 1897 में शुरू हुआ था और यह महल 1912 में बनकर तैयार हुआ था। इस अद्भुत एवं भव्य महल को बनने में करीब 15 साल का लंबा समय लगा था।

मैसूर पैलेस का नक्शा किसने और कब बनाया था? – Mysore Palace Map

मैसूर पैलेस का नक्शा साल 1912 में ब्रिटिश के हेनरी इर्विन ने बनाया था।

मैसूर पैलेस की सबसे बड़ी खासियत क्या है? – Mysore Palace Facts

कर्नाटक में स्थित मैसूर पैलेस, भारत के सबसे बड़े महलों में से एक है। इस महल के कल्याण मंडप की काँच से बनी छत, दीवारों पर लगी अद्भुत तस्वीरें और सोने का राजसिंहासन इसकी सबसे बड़ी खासियत है।

मैसूर पैलेस का नक्शा – Mysore Palace Map

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मैसूर पैलेस का इतिहास – Mysore Palace History

मैसूर किले का इतिहास बहुत पुराना हैं जोकि कई शासको के शासन को देख चुका है। 14वीं शताब्दी दौरान यदुराया ने किले के अंदर पहला महल बनबाया था, जिसे कई बार तोडा गया था। पुराने पैलेस को जला दिया गया था और वर्तमान संरचना का निर्माण 1897 और 1912 के समय के दौरान किया गया था। मई 1799 में टीपू सुल्तान के देहांत के बाद महाराजा कृष्णराज वाडियार तृतीय ने मैसूर को अपनी राजधानी के रूप में दर्जा दिया था।

मैसूर पैलेस की संरचना – Mysore Palace Architecture

मैसूर पैलेस में गुंबदों की स्थापत्य शैली को हिंदू, राजपूत, मुगल और गोथिक शैलियों के मिश्रण के साथ इंडो-सरैसेनिक के रूप में तैयार किया गया हैं। मैसूर किले की यह तीन मंजिला ईमारत में संगमरमर की गुम्बद और 145 फिट ऊंचे पत्थर की संरचना हैं। किला एक शानदार बगीचे से घिरा हुआ हैं। पैलेस की संरचना में मुख्य परिसर की लम्बाई 245 फुट और चौड़ाई 156 फुट फुट आंकी गई हैं।

मैसूर पैलेस का पता – Mysore Palace Address

Mysore Maharaja Palace Address : Sayyaji Rao Road, Mysuru, Karnataka, 570001, India.

मैसूर पैलेस लोकेशन मैप – Mysore Palace Location Map

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मैसूर पैलेस टाइमिंग – Mysore Palace Timings

Everyday from 10.00 am to 5.30 pm

मैसूर पैलेस एंट्री फीस – Mysore Palace Entry Fee

  • वयस्कों के लिए 40 प्रति व्यक्ति.
  • बच्चों के लिए प्रति व्यक्ति 20 रूपये (10-18 वर्ष).
  • छात्रों के लिए प्रति व्यक्ति 10 रूपये (स्कूल से पत्र आवश्यक है).
  • विदेशी पर्यटकों के लिए प्रति व्यक्ति 200 रूपये  (ऑडियो किट शामिल).
  • Free entry for Children below 10 yrs of age.

Note : Public Entry from Varaha Gate.

मैसूर पैलेस लाइट एंड साउंड शो – Mysore Palace Light Show

अवकाश को छोड़कर प्रत्येक दिन शाम को मैसूर पैलेस में एक प्रभावशाली लाइट एंड साउंड शो होता है। यह शो मैसूर शहर और महल के इतिहास के बारे में कहानी कहने (कन्नड़ में) से शुरू होता है। प्रकाश और ध्वनि प्रभाव बदलते रहते हैं और कहानी के साथ तालमेल बिठाते हैं। यह लगभग 45 मिनट तक चलता है जिसके बाद पूरे महल की लाइटिंग कम्पलीट हो जाती है।संडे और नेशनल हॉलीडेज पर लाइटिंग तो होती पर कोई स्टोरी टेलिंग नहीं होती |

मैसूर पैलेस लाइटिंग टाइम – Mysore Palace Lighting Time

  • 07.00 pm – 07.45 pm on Sundays, National Holidays and State Festivals.
  • 07.40 pm – 07.45 pm on Weekdays (Monday to Saturday) after the sound and light show.

मैसूर पैलेस नाइट व्यू – Mysore Palace Night View

मैसूर पैलेस के पास घूमने की जगहें – Places To Visit Near Mysore Palace

मैसूर का प्रमुख धार्मिक स्थल चामुंडेश्वरी मंदिर – Mysore Ka Chamundeshwari Temple

मैसूर पैलेस के नजदीक दर्शनीय स्थानों में चामुंडेश्वरी मंदिर मैसूर सिटी से लगभग 13 किलोमीटर की दूरी पर एक पहाड़ी की चामुंडी चोटी पर स्थित हैं। इस मंदिर को 18 शक्ति पीठो में से एक होने का दर्जा प्राप्त हैं।

मैसूर का प्रसिद्ध मंदिर रंगनाथस्वामी मंदिर – Ranganathaswamy Temple

मैसूर किले के पास दर्शनीय स्थल श्रीरंगपटना का रंगनाथस्वामी मंदिर हिंदू भगवान रंगनाथ को समर्पित है। यह दर्शनीय मंदिर कर्नाटक राज्य में कावेरी नदी के किनारे पर 5 सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थानों में से एक है। रंगनाथस्वामी मंदिर कावेरी नदी के द्वारा बनाए गए दीप पर स्थित हैं और सबसे ऊंचे टॉवर या गोपुरम के रूप में जाना जाता हैं।

मैसूर पर्यटन स्थल ललिता महल – Mysore Paryatan Sthan Lalitha Mahal

मैसूर पैलेस के नजदीक में घूमने वाली जगह ललिता महल मैसूर का दूसरा सबसे बड़ा और भव्य महल है। वर्तमान में यह भारत के सबसे भव्य होटलों में शुमार हैं। ललिता महल चामुंडी पहाड़ियों के पास स्थित है।

मैसूर के दर्शनीय स्थान जय लक्ष्मी विलास हवेली – Jayalakshmi Vilas Mansion Mysore 

मैसूर पैलेस के आसपास के पर्यटन स्थलों में जयलक्ष्मी विलास हवेली मैसूर विश्वविद्यालय के अंदर स्थित है। मैसूर के प्रमुख टूरिस्ट प्लेस में से एक जयलक्ष्मी विलास हवेली कलाकृतियों के अनमोल संग्रह का एक संग्रहालय है। इस स्थान पर पर्यटक आना अधिक पसंद करते है।

मैसूर का टूरिस्ट प्लेस जगनमोहन पैलेस – Mysore Tourist Place Jaganmohan Palace 

मैसूर पैलेस के नियरेस्ट टूरिस्ट प्लेस में जगनमोहन पैलेस मैसूर सिटी का एक प्रमुख महल हैं। इस महल को अब एक आर्ट गैलरी और एक समारोह हॉल में तब्दील कर दिया गया हैं। यह महल मैसूर सिटी के 7 महलो में से एक है।

मैसूर में देखने लायक जगह सेंट फिलोमेना चर्च – St Philomena Church Mysore

सेंट फिलोमेना चर्च एक कैथोलिक चर्च है जोकि भारत के सबसे पुराने चर्चो में से एक है। मैसूर शहर के इस प्रसिद्ध चर्च को एशिया के दूसरे सबसे बड़े चर्च के रूप में जाना जाता है।

मैसूर में घूमने वाली जगह तालकाड़ मंदिर –  Talakadu Temple Mysore

मैसूर का दर्शनीय स्थल तालकाड़ मंदिर कावेरी नदी के बाएं छोर पर मैसूर सिटी से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। यह मंदिर हिन्दू धर्म से सम्बंधित एक लोकप्रिय तीर्थ स्थल है।

मैसूर के आकर्षण स्थान मेलुकोटे मंदिर – Cheluvanarayana Swamy Temple Melukote 

मैसूर के पर्यटन स्थलों में से एक मेलुकोटे मंदिर को थिरुन्नारायणपुरम के नाम से भी जाना जाता है।यह मंदिर भारत के कर्नाटक राज्य के पवित्र स्थानों में से एक है । जो योगनारसिम्हा की चट्टानी पहाड़ियों पर स्थित यह मदिर मैसूर शहर से लगभग 51 किलोमीटर की दूरी पर है।

मैसूर सिटी का पर्यटन स्थल बाइलाकुप्पे – Mysore City Ka Paryatan Sthan Bylakuppe

मैसूर पैलेस के आसपास के पर्यटन स्थलों में बाइलाकुप्पे मैसूर के पश्चिम में स्थित नामर्दोलिंग मठ का एक छोटा सा सुंदर शहर हैं। बाइलाकुप्पे का सबसे प्रमुख आकर्षण के रूप में मैसूर जिले की सबसे बड़ी झील, नाम्ड्रोलिंग मठ या गोल्डन टेम्पल और इंगलाकेरे हैं।

मैसूर में प्रसिद्ध मंदिर नंजनगुड मंदिर – Nanjangud Temple Mysore

नंजनगुड पर्यटन स्थल शहर की कपिला नदी के किनारे पर स्थित है और यह स्थान श्रीकंतेश्वर मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थान दक्षिण काशी के नाम से भी जाना जाता है।

शिवानासमुद्र फॉल्स – Shivanasamudra Falls Mysore

शिवानासमुद्र फॉल्स कावेरी नदी के तट पर मैसूर सिटी से लगभग 85 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस पर्यटन जलप्रपात की कुल ऊंचाई 98 मीटर है। एशिया का पहला हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पावर स्टेशन भी इसी क्षेत्र में हैं।

कृष्णा राजा सागर डैम – Krishna Raja Sagara Dam Mysore

मैसूर के पर्यटन स्थलों में कृष्णा राजा सागर बांध एक प्रमुख टूरिस्ट प्लेस हैं। जोकि मैसूर सिटी में कावेरी नदी पर एक झील और बांध दोनों के रूप में जाना जाता हैं। कृष्णा राजा सागर बांध का नाम भारत के 10 प्रमुख बाँधों में भी शामिल हैं।

मैसूर में घूमने की जगह बृंदावन गार्डन – Brindavan Garden Mysore

मैसूर पैलेस का नजदीकी पर्यटन स्थल बृंदावन गार्डन दक्षिण भारत में कृष्णराजसागर बांध के पास स्थित है। वृंदावन गार्डन हर साल लगभग 2 मिलियन सलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता हैं। यह गार्डन श्रीरंगपटना के प्रमुख आकर्षणों में से एक है।

मैसूर टूरिज्म में देखे रेल संग्रहालय मैसूर – Railway Museum Mysore 

मैसूर का रेलवे संग्रहालय भारतीय रेलवे द्वारा स्थापित किया गया हैं। यह संग्रहालय दिल्ली के राष्ट्रीय रेलवे संग्रहालय के बाद देश का दूसरा ऐसा संग्रहालय है। मैसूर सिटी के इस संग्रहालय में लोकोमोटिव और भारत में रेलवे की तस्वीरों को शानदार ढंग से एक गैलरी में रखा गया है।

 मैसूर पर्यटन में मशहूर चामुंडी हिल्स नंदी – Mysore Point Of Interest Nandi Bull On Chamundi Hills

मैसूर का दर्शनीय स्थल नंदी बैल की विशाल मूर्ती चामुंडी पहाड़ी पर स्थित हैं। नंदी कि यह मूर्ती शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में बेहद ही खास हैं। देश में नंदी की सबसे बड़ी मूर्तियों में से एक हैं।

मैसूर में फेमस कार्य सिद्धि हनुमान मंदिर – Karya Siddhi Hanuman Mandir Mysore

मैसूर में देखने के लिए हनुमान जी महाराज कि एक विशाल प्रतिमा बनी हुई है। इस प्रसिद्ध प्रतिमा को कार्य सिद्धि के नाम से जाना जाता हैं। शहर में सबसे ऊँची इस मूर्ती की हाइट 41 फीट हैं।

मैसूर पर्यटन स्थल करणजी झील – Karanji Lake Mysore 

मैसूर पैलेस के पास का आकर्षण स्थल करणजी झील मैसूर सिटी में ही स्थित एक सुंदर स्थान हैं। यह स्थान सुंदर प्रकृति तितली पार्क और एक संग्रहालय से घिरा हुआ हैं। करणजी झील के अंदर एक छोटे से द्वीप पर तितली पार्क को बनाया गया हैं। यहां पर कई पेंटेड स्टॉर्क, ग्रे पेलिकन, कॉर्मोरेंट और एग्रेट जैसे – प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इस झरने की खूबसूरती देखकर पर्यटक मोहित हो जाते है।

मैसूर में देखने लायक जगह चिड़ियाघर – Mysore Zoo 

मैसूर का फेमस चिड़ियाघर या चामराजेंद्र प्राणि उद्यान मैसूर पैलेस के करीब स्थित हैं। यह चिड़ियाघर देश का सबसे पुराना और सबसे लोकप्रिय है। मैसूर चिड़ियाघर में विभिन्न प्रजातियों के जीव-जंतुओं को देखा जा सकता हैं।

 रंगनाथिट्टू पक्षी अभयारण्य कर्नाटक – Ranganathittu Bird Sanctuary Karnataka

मैसूर किले के नजदीक के आकर्षण में रंगनाथिट्टू पक्षी अभयारण्य कर्नाटक राज्य के 5 सबसे अच्छे बर्ड सेंचुरी में से एक है। रंगनाथिट्टू पक्षी अभयारण्य राज्य का सबसे बड़ा पक्षी अभयारण्य है। इस अभयारण्य में पक्षियों की लगभग 170 प्रजातियां पाई जाती हैं।

मैसूर फेमस पर्यटन स्थल बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान –  Bandipur National Park Mysore

मैसूर पर्यटन स्थलों में बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व कर्नाटक स्टेट के टॉप 10 राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है। बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान दक्षिण एशिया में जंगली हाथियों के लिए सबसे बड़ा निवास स्थान के रूप में प्रसिद्ध है।

कैसे पहुंचे मैसूर पैलेस – How To Reach Mysore Palace

मैसूर पैलेस की यात्रा पर जाने के लिए आप हवाई मार्ग, ट्रेन और बस में से किसी का भी चुनाव कर सकते हैं। मैसूर पर्यटन स्थल सभी तरह के यातायात साधनो से संपन्न हैं।

मैसूर फ्लाइट से कैसे पहुंचे – How To Reach Mysore By Flight 

मैसूर किला घूमने के लिए यदि आपने हवाई मार्ग का चुनाव किया है। तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सबसे निकटतम हवाई अड्डा नया बैंगलोर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है। जोकि मैसूर शहर से लगभग 170 किलोमीटर की दूरी पर हैं। बेंगलुरु एअरपोर्ट से मैसूर जाने के लिए आप बस, ट्रेन और टैक्सी के माध्यम से जा सकते हैं। बेंगलुरु हवाई अड्डा देश के अन्य हवाई अड्डो से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

मैसूर ट्रेन से कैसे पहुंचे – How To Reach Mysore By Train

मैसूर पैलेस घूमने के लिए यदि आपने ट्रेन का चुनाव किया हैं। तो बता दें कि मैसूर शहर रेल मार्ग के माध्यम से भारत के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशन से अच्छी तरह से जुड़ा हैं। मैसूर रेलवे स्टेशन शहर के केंद्र से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं।

मैसूर बस से कैसे पहुंचे – How To Reach Mysore By Bus 

मैसूर पैलेस घूमने के लिए यदि आप सडक मार्ग से जाना चाहते हैं। तो हम आपको बता दें कि मैसूर सड़क मार्ग के माध्यम से बहुत अच्छी तरह से संपर्क में हैं। इसलिए आप बिना किसी परेशानी के सडक मार्ग से बस या अपने निजी साधनों से मैसूर पहुंच जाएंगे।

मैसूर पैलेस घूमने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Mysore Palace

महल का दौरा करने का सबसे अच्छा समय दशहरे के समय होता है जब पूरे परिसर को खूबसूरती से सजाया जाता है और एक सुनहरा रंग में प्रकाशित किया जाता है।

महल हर रविवार और सभी सार्वजनिक छुट्टियों पर लाइट्स से सजाया जाता है।

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