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Swami Vivekananda Quotes & Thoughts – स्वामी विवेकानंद के सुविचार

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Swami Vivekananda Quotes in Hindi

Swami Vivekananda Quotes & Thoughts – स्वामी विवेकानंद के सुविचार

Swami Vivekananda Quotes in Hindi वे हमेशा से युवाओं के प्रेरणास्रोत (Swami Vivekananda Thoughts in Hindi) रहे हैं। इस लेख के माध्यम से आप स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचारों – Swami Vivekananda Thoughts को जानेंगे।

स्वामी विवेकानंद एक आध्यात्मिक गुरु तथा समाज सुधारक थे। स्वामी विवेकानन्द ने पुरोहितवाद, ब्राह्मणवाद, धार्मिक कर्मकाण्ड इत्यादि विसंगतियों को दूर करने का अथक प्रयास किया।

Swami Vivekananda Information in Hindi – स्वामी विवेकानंद

आपका जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ था। आपके बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था। “स्वामी विवेकानंद” नाम आपको आपके गुरु रामकृष्ण परमहंस ने दिया था। अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म सम्मलेन में आपने भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया, तथा वेदांत दर्शन का प्रसार पुरे विश्व में किया। आपने समाज के सेवा कार्य के लिए रामकृष्ण मिशन की स्थापना की।

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Swami Vivekananda Thoughts in Hindi – स्‍वामी विवेकानंद के प्रेरणादायक विचार

  1. ”खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है.”
  2. ”ब्रह्मांड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं. वो हमी हैं जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है.”
  3. ”जब तक जीना, तब तक सीखना, अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है.”
  4. ”किसी की निंदा न करें. अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, तो जरूर बढाएं. अगर नहीं बढ़ा सकते तो अपने हाथ जोड़िए, अपने भाइयों को आशीर्वाद दीजिये और उन्हें उनके मार्ग पे जाने दीजिए.”
  5. ”जब लोग तुम्हे गाली दें तो तुम उन्हें आशीर्वाद दो. सोचो, तुम्हारे झूठे दंभ को बाहर निकालकर वो तुम्हारी कितनी मदद कर रहे हैं.”
  6. ”ज्ञान स्वयं में वर्तमान है, मनुष्य केवल उसका आविष्कार करता है.”
  7. ”जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते तब तक आप भागवान पर विश्वास नहीं कर सकते.”
  8. ”हम जितना ज्यादा बाहर जाएं और दूसरों का भला करें, हमारा ह्रदय उतना ही शुद्ध होगा और परमात्मा उसमे बसेंगे.”
  9. ”तुम्हें अंदर से बाहर की तरफ विकसित होना है. कोई तुम्‍हें पढ़ा नहीं सकता, कोई तुम्‍हें आध्यात्मिक नहीं बना सकता. तुम्हारी आत्मा के आलावा कोई और गुरू नहीं है.”
  10. ”दिल और दिमाग के टकराव में दिल की सुनो.”
  11. अपनी क्षमताओं के स्तर तक अपना लक्ष्य कम न करें। इसके बजाय, अपनी क्षमताओं को अपने लक्ष्यों की ऊंचाई तक बढ़ाएं.
  12. जो भी आप सोचते हैं वो आप बन जाते है यदि आप खुद को कमजोर मानते हैं, तो आप कमजोर बन जाएंगे ; यदि आप अपने आप को मजबूत मानते है, तो आप मजबूत बन जाएंगे.
  13. जब भी मैंने भगवान से शक्ति मांगी उसने मुझे मुश्किल हालात में डाल दिया…
  14. मन की शक्ति सूरज की किरणों की तरह होती है, जब वे केंद्रित होती हैं तो वे चमक उठती हैं.
  15. ये दुनिया अखाड़े की तरह है जिसमे हम खुद को मज़बूत बनाते हैं
  16. ब्रह्मांड का असीम पुस्तकालय आपके मन में है.
  17. मनुष्य की सेवा ही भगवान् की सेवा है.
  18. कभी भी बड़ी योजना का हिसाब मत लगाओ, धीरे धीर शुरू करें, अपनी ज़मीन बनाये और धीरे धीरे उसे बढ़ाएं ….
  19. इच्छा, अज्ञानता और असमानता-यह बंधन की त्रिमूर्ति है.
  20. जो कुछ भी आपको शारीरिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक रूप से कमजोर बनाता है उसे ज़हर समझकर नकार दो…
  21. दुनिया क्या सोचती है उन्हें सोचने दो, आप अपने इरादे में मज़बूत रहो, दुनिया एक दिन तुम्हारे क़दमों में होगी…

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