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“बरमूडा ट्रायंगल” क्या हैं इसका रहस्य ? – Bermuda Triangle

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बरमूडा ट्रायंगल – Bermuda Triangle

संसार में अनगिनत रहस्य हैं जो एक ऐसी पहेलियाँ बन गयी हैं जिन्हें आधुनिक तकनीकों की मदद से भी सुलझाया नही जा सका है। ऐसे ही रहस्यों में छिपा है अमेरिका के दक्षिण पूर्वी तट पर बना बरमूडा ट्रायंगल।

इस इलाके में आज तक बड़े से बड़े हवाई जहाज़ आश्चर्यजनक रूप से गायब हो गये हैं व दल और बल दोनों की सहायता से आज तक उनका पता नही लगाया जा सका है।

रहस्य भरी दुनिया का एक और हिस्सा “बरमूडा ट्रायंगल” क्या हैं इसका रहस्य? – Bermuda Triangle

बरमूडा ट्रायंगल क्या हैं – What is Bermuda Triangle ?

बरमूडा को यह नाम 1964 में मिला था। बरमूडा त्रिभुज अमेरिका के फ्लोरिडा,प्यूर्टोरिको और बरमूडा द्वीप इन तीनों जगहों को जोड़ने वाला एक काल्पनिक ट्रायंगल है। इसे शैतान के त्रिकोण यानी Devil’s Triangle भी कहते हैं।

बरमूडा त्रिकोण कहाँ है – Where Is The Bermuda Triangle

बरमूडा ट्रायंगल, उत्तरी अमेरिका से उत्तरी अटलांटिक महासागर का खंड है।

Bermuda Triangle Map

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हादसा : अचानक जहाज़ और यात्री गायब – Bermuda Triangle Stories

बरमूडा ट्रायंगल पर 05 दिसंबर 1945 में एक ऐसा हादसा हुआ था। जिससे दुनिया भर के वैज्ञानिक सिर्फ सोच विचार ही करते रह गए थे। हुआ यूँ था की अमेरिका नेवी के पांच पेशेवर पायलट अपनी प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान बरमूडा त्रिकोणकी ओर निकल पड़े थे।

लेकिन सिर्फ एक घंटा 45 मिनट के बाद फ्लाइट लीडर लेफ्टिनेंट चार्ल्स टेलर ने नियंत्रण केंद्र में संदेश पहुंचाया कि यहां कुछ अजीब और गरीब गतिविधियां घटित हो रही हैं। चार्ल्स ने बताया की उनके पास तीन कंपास (Navigational Compasses) हैं जिन्होंने काम करना बंद कर दिया है। उन्हें नही मालूम था की वह कौन सी दिशा में हैं।

समुन्दर का रूप भी बेहद अलग था। थोड़ी ही देर बाद उनका सम्पर्क नियंत्रण केंद्र से टूट गया था। इस घटना में पायलट कहां लापता हो गए किसी को नही पता चल पाया।

चार्ल्स के दल को ढूंढ़ने के लिए दूसरा विमान भी भेजा गया पर महज़ 27 मिनट में उसका सम्पर्क भी कंट्रोल सेंटर से टूट गया और जहाज़ और पायलटों का कोई सुराग तक नही मिल पाया था। त्रिकोण से सम्बंधित ऐसी अनेक घटनायें हैं जिनके कारण बरमूडा अभी तक एक रहस्य बना हुआ है।

त्रिकोण से जुड़े दस्तावेज़, क्रिस्टोफर कोलंबस – Bermuda Triangle Theories

बरमूडा त्रिकोण के बारे में अद्भुत और अविश्वसनीय दस्तावेज़ प्रस्तुत करने वाला सबसे पहला व्यक्ति क्रिस्टोफर कोलंबसथा। कोलंबस ने बताया था कि उसने और उसके साथियों ने क्षितिज पर बिजली का एक अजीब सा करतब देखा था। उन्हें आसमान में आग की कुछ लपटें भी दिखाई दी थी।

कोलंबस ने यह सब बातें अपनी लॉग बुक में लिखी थी। इस लाग बुक की जांच कर रहे आधुनिक विद्वानों ने यह अनुमान लगाया है कि कोलंबस द्वारा देखा गया प्रकाश टेनो के रहवासियों द्वारा उनकी डोंगियों में लगाई गयी आग से उत्पन्न हुआ था।

अमेरिका ने किया शोध, निकला निष्कर्ष – Bermuda Triangle Mystery 

अमेरिका द्वारा एक शोध किया गया था। जिसमें बताया की समुद्री क्षेत्र के बड़े हिस्से में मिथेन गैस का भण्डार है। जिसके कारण अधिक बुलबुले उठते हैं और जहाज़ गायब हो सकते हैं। इसके अलावा यह एक अत्यधिक चुम्बकीय क्षेत्र होने के कारण लोहे से बनी वस्तुएं यहां काम करना बंद कर देती हैं और विमान अपना रास्ता भटक जाते हैं और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।

विज्ञान आज दिन दुगनी रात चौगनी तरक्की बेशक कर गया हो पर बरमूडा के रहस्यों से जुड़ा कोई भी कथन आज तक पूरी प्रमाणिकता के साथ सामने नही आया है।

बरमूडा ट्रायंगल के बारे में तथ्य – Bermuda Triangle Facts

  • बरमूडा ट्रायंगल आधुनिक युग का सबसे बड़ा अनसुलझा रहस्य है।
  • बरमूडा ट्रायंगल छोटा नहीं है। वास्तव में, यह काफी बड़ा है और 440,000 मील समुद्र के क्षेत्र को कवर करता है। यह राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के संयुक्त क्षेत्र से बड़ा है।
  • बरमूडा त्रिकोण निश्चित रूप से तय नहीं है और इसका प्रभाव त्रिकोण के बाहर भी अनुभव किया जा सकता है।
  • पिछले 100 वर्षों के भीतर कम से कम 1000 लोगों की जान चली गई है। हर साल औसतन 4 विमान और 20 नौकाएं लापता हो जाती हैं।
  • लोगों ने बरमूडा त्रिकोण में इलेक्ट्रॉनिक कोहरे का अनुभव किया है, जो टाइम ट्रेवल टनल भी हो सकता है।
  • बरमूडा ट्रायंगल पृथ्वी के उन दुर्लभ स्थानों में से एक है जहाँ कम्पास चुंबकीय उत्तर की ओर इंगित नहीं करता है।

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