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कोरोना वायरस के लक्षण और बचाव, क्या होम्योपैथी में इसका इलाज है ?

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कोरोना वायरस के लक्षण और बचाव

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत, ब्रिटेन और अमरीका समेत कोरोना वायरस ‘कोविड 19’ अब दुनिया के 186 देशों में फैल गया है और इसके कारण 20,000 मौतें हो चुकी हैं.

भारत में कोविड 19 के 460 से अधिक मामले पाए गए हैं जिनमें 10 की मौत हुई है. 39 लोग पूरी तरह ठीक भी हुए हैं. कोरोना वायरस और न फैले, इसके लिए पुरे भारत में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन का एलान किया है.

कोरोना वायरस से बचने के सरल तरीके

  • कोरोना वायरस ‘कोविड 19’ से बचने के लिए आप नियमित रूप से अपने हाथ साबुन और पानी से अच्छे से धोएं.
  • जब कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक के बेहद बारीक कण हवा में फैलते हैं. इन कणों में कोरोना वायरस के विषाणु होते हैं.
  • संक्रमित व्यक्ति के नज़दीक जाने पर ये विषाणुयुक्त कण सांस के रास्ते आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं.
  • अगर आप किसी ऐसी जगह को छूते हैं, जहां ये कण गिरे हैं और फिर उसके बाद उसी हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह को छूते हैं तो ये कण आपके शरीर में पहुंचते हैं.
  • ऐसे में खांसते और छींकते वक्त टिश्यू का इस्तेमाल करना, बिना हाथ धोए अपने चेहरे को न छूना और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.
  • चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार फेस मास्क इससे प्रभावी सुरक्षा प्रदान नहीं करते.

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कोरोनो वायरस संक्रमण के लक्षण क्या हैं?

इंसान के शरीर में पहुंचने के बाद कोरोना वायरस उसके फेफड़ों में संक्रमण करता है. इस कारण सबसे पहले बुख़ार, उसके बाद सूखी खांसी आती है. बाद में सांस लेने में समस्या हो सकती है.

वायरस के संक्रमण के लक्षण दिखना शुरू होने में औसतन पाँच दिन लगते हैं. हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ लोगों में इसके लक्षण बहुत बाद में भी देखने को मिल सकते हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार वायरस के शरीर में पहुंचने और लक्षण दिखने के बीच 14 दिनों तक का समय हो सकता है. हालांकि कुछ शोधकर्ता मानते हैं कि ये समय 24 दिनों तक का भी हो सकता है.

कोरोना वायरस उन लोगों के शरीर से अधिक फैलता है जिनमें इसके संक्रमण के लक्षण दिखाई देते हैं. लेकिन कई जानकार मानते हैं कि व्यक्ति को बीमार करने से पहले भी ये वायरस फैल सकता है.

बीमारी के शुरुआती लक्षण सर्दी और फ्लू जैसे ही होते हैं जिससे कोई आसानी से भ्रमित हो सकता है.

Center For Disease Control and Prevention (CDC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, यदि इस बीमारी के दौरान किसी व्यक्ति के शरीर का तापमान 100।4 डिग्री फैरेनहाइट या 38 डिग्री सेल्सियस है, साथ में खांसी और सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है तो इन लोगों को घर से बाहर बिल्कुल नहीं निकलना चाहिए।

ये नए लक्षण भी हैं अहम

सार्स कोरोना वायरस- 2 से ग्रसित लोगों में बुखार, थकान और सूखी खांसी आना सबसे सामान्य लक्षण हैं। लेकिन कुछ मरीजों में नाक बहना, गले में सूजन और दर्द, नाक बंद होना या नाक के जरिए सांस लेने में परेशानी होना, शरीर में सुइयां चुभना और दर्द होना, डायरिया की समस्या होना भी शामिल हैं। साथ ही कई मामलोंं मेंं किसी चीज की गंंध और स्वाद भी चला जाता है। ऐसे में अगर आपको कई दिनों से ये परेशानी है, तो आपको सावधान होने की जरुरत है।

कोविड-19 से पीड़ित मरीजों में 80 प्रतिशत केस माइल्ड होते हैं, जो एक रेग्युलर कोल्ड की तरह अनुभव कराते हैं और ठीक हो जाते हैं। इनमें अक्सर किसी खास इलाज की जरूरत नहीं होती। कई बार मरीज को इसका पता भी नहीं चलता कि वह कोविड-19 से ग्रसित है।यह स्थिति खासतौर पर उन लोगों में देखने को मिलती है, जो पहले से ही किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हो।

जैसे, हार्ट की बीमारी, बीपी, डायबिटीज या कोई क्रानिक रेस्पेरेट्री कंडीशन जैसे अस्थमा का रोग। नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस)की सलाह है कि जिस किसी भी व्यक्ति के अंदर इस तरह के लक्षण नजर आएं, उस व्यक्ति को कम से कम 7 दिन घर के अंदर ही रहना चाहिए और इस दौरान परिवार के लोगों से भी दूरी बनाए रखनी चाहिए। अगर आप परिवार के साथ रह रहे हैं तो उन्हें 14 दिन घर के अंदर रहना चाहिए।

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कोरोना वायरस: क्या होम्योपैथी में इसका इलाज है?

वैकल्पिक इलाज की पद्धतियों और दवाओं को बढ़ावा देने वाले सरकारी आयुष मंत्रालय ने कहा है कि उन्होंने कभी भी ये दावा नहीं किया कि होम्योपैथी में कोरोना वायरस कोविड 19 का “इलाज” है.

लेकिन इसके बावजूद भारत में इंटरनेट के ज़रिए ऐसे संदेश लगातार फैल रहे हैं जिनमें दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए वैकल्पिक दवाएँ कारगर हैं. मंत्रालय की 29 जनवरी को जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति का शीर्षक था “कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षणों को रोकने में होम्योपैथी, यूनानी चिकित्सा उपयोगी”.

इसमें सलाह दी गई थी कि कोरोना वायरस से बचने के लिए स्वच्छता का ख़ास ख़याल रखना ज़रूरी है. साथ ही संक्रमण से बचने के लिए होम्योपैथी की आर्सेनिकम एल्बम 30 दवा लेने की सलाह भी दी गई थी.

मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति की आलोचना होने के बाद आयुष मंत्री श्रीपद नाइक ने पिछले सप्ताह कहा था कि विज्ञप्ति केवल “उन दवाओं के नाम बताती है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं. कभी भी ऐसा दावा नहीं किया गया है कि इससे कोरोना वायरस का विषाणु ख़त्म हो सकता है.”

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