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आगरा के किले का इतिहास – History of Agra Fort

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आगरा का किला – Agra Ka Kila

Agra Ka Kila – आगरा का किला (Agra Kila) किसने बनवाया (Who Built Agra Fort) किले का इतिहास (Agra Fort History) घूमने का समय (Agra Fort Timings) और उससे जुडी सभी जानकारी (Agra Fort Information) साझा करेंगे.

आगरा का किला किसने बनाया – Agra Fort Was Built By

आगरा किला (Agra Kila) का निर्माण (Agra Fort Was Built By) 1565 और 1573 के बीच अकबर द्वारा शुरू किया गया था। यह यमुना नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है, जो ताजमहल  से लगभग 2 किमी की दूरी पर है। अकबर के पोते शाहजहाँ ने, किले के भीतर ही सफेद संगमरमर के महल बनवाए थे।

आगरा किले का निर्माण – Agra Ka Lal Kila

इस विशाल किले का निर्माण (Who Built Agra Fort) मुगल बादशाह अकबर ने 1565 से 1573 ईसवी के बीच करवाया गया, हालांकि, इस किले के प्रवेश द्धारा पर लिखा गया है कि, विश्व धरोहर में शामिल इस विशाल किले (Agra ka Kila) का निर्माण मूल रुप से 1000 ईसवी से भी पहले किया गया था, और मुगल शासक अकबर ने सिर्फ इस किले का नवीनीकरण करवाया था।

समय-समय पर इस किले (Agra Kila) में अलग-अलग शासकों द्धारा बदलाव किए गए हैं। मुगल सम्राट अकबर के पोते और मुगल साम्राज्य के उत्तराधिकारी शाहजहां ने इस किले में सुंदर सफेद संगमरमर के पत्थरों का इस्तेमाल कर इसके अंदर बेहद आर्कषक और रमणीय मस्जिद का निर्माण (Agra Fort Information) करवाया और इसमें सुंदर नक्काशी कर इसे और अधिक उन्नत बनाया।

इसके साथ ही शाहजहां ने आगरा के किले (Agra Ka Kila) का इस्तेमाल उस समय महल के रुप में भी किया था, जब मुगलों की राजधानी को आगरा से दिल्ली शिफ्ट कर दिया गया था।

वहीं इसके बाद शाहजहां के निर्दयी पुत्र औरंगजेब ने आगरा किले की बाहरी प्रचारी का निर्माण करवाया था। आपको बता दें कि औरंगजेब, जब मुगल साम्राज्य का उत्तराधिकारी बना था, तब उसने अपने ही पिता शाहजहां को उनके जीवन के आखिरी दिनों में इस किले (Agra Fort ) में कैद कर लिया था।

ऐसा भी कहा जाता है कि, इस किले से शाहजहां, अपनी मुमताज बेगम की याद में बनाए गए दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल को देखते रहते थे।

आगरा के किले का इतिहास – Agra Fort History

आगरा के ऐतिहासिक (Agra Fort History) महत्व की वजह से यह दिल्ली की राजधानी हुआ करता था। यह मूलतः एक ईंटों का किला था, जो चौहान वंश के राजपूतों के पास था और बादलगढ़ के नाम से जाना जाता था। इसका प्रथम विवरण 1080 ई. में आता है, जब महमूद गजनवी की सेना ने इस पर कब्ज़ा किया था।

Agra Fort History सिकंदर लोदी (1487-1517), दिल्ली सल्तनत का प्रथम सुल्तान था, जिसने आगरा की यात्रा की, तथा इसने इस किले (Agra Fort) की मरम्म्त 1504 ई० मे करवायी व इस किले में रहा था। उसकी मृत्यु भी, इसी किले में 1517 में हुई थी। जिसके बाद उसके पुत्र इब्राहिम लोदी ने गद्दी नौ वर्षों तक संभाली और 1526 ईसवी में पानीपत के प्रथम युद्ध में हारने के बाद इस किले में मुगलों ने अपना शासन जमा लिया था।

इसके साथ ही मुगल वंश के संस्थापक बाबर के पुत्र और मुगल साम्राज्य के उत्तराधिकारी हुंमायूं ने न सिर्फ आगरा किले (Agra Ka Kila) पर अपना कब्जा जमा लिया बल्कि लोदियों की अथाह संपत्ति  और विशाल खजाना भी जब्त कर लिया जिसमें प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा भी था।

1530 ईसवी में जब हुमायूं को मुगल सम्राट के उत्तराधिकारी के रुप चुना गया, इसके कुछ सालों बाद करीब 1540 ईसवी में उसका मुकाबला शेरशाह सूरी से हुआ। जिसमें हुंमायूं की हार हुई और उसके बाद शेरशाह सूरी ने करीब 15 सालों तक इस किले पर शासन किया।

1555 ईसवी में मुगल सम्राट हुमायूं और शेरशाह सूरी के बीच फिर से युद्ध हुआ और हुमायूं ने  फिर से किले पर अपना अधिकार हासिल कर लिया।

मुगल सम्राट हुमायूं की मृत्यु के बाद उनके बेटे अकबर को महज 13 साल की उम्र में मुगल साम्राज्य का उत्तराधिकारी बनाया गया था। जिसके बाद अकबर, मुगलों की स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से अपने राजनैतिक दौरे पर निकले और 1558 ईसवी में आगरा पहुंचे और इस शहर के ऐतिहासिक महत्व को समझते हुए उन्होंने आगरा को अपनी राजधानी बनाया।

अकबर ने बादलगढ़ किले के अवशेषों को फिर से हासिल कर करीब 1565 ईसवी में राजस्थान के धौलपुर जिले से लाल बलुआ पत्थरों को मंगवाकर इस किले का निर्माण शुरु करवाया। वहीं कई हजार कारीगरों की मद्द से इस किले का निर्माण लगभग 8 साल के लंबे समय के बाद 1573 ईसवी में पूरा किया गया।

मुगल सम्राट अकबर के पोते शाहजहां ने अपने शासनकाल के दौरान सफेद संगमरमर के पत्थरों से निर्मित इमारतें बनाने के लिए इस किले के पीछे की कुछ इमारतों को ध्वस्त कर दिया था और इसके बाद शाहजहां ने इस विशाल किले के अंदर संगमरमर के पत्थरों का इस्तेमाल मस्जिद समेत अन्य इमारतों का भी निर्माण भी करवाया और इस तरह शाहजहां ने इस किले को वर्तमान स्परुप दिया था।

वहीं मुगल सम्राट शाहजहां की जिंदगी के आखिरी पलों में उसके पुत्र औरंगजेब ने सत्ता पाने की चाहत उसे आगरा किले के शाहबुर्ज (मुसम्मन बुर्ज) में कैद कर लिया था, जहां से शाहजहां अपनी प्रिय बेगम मुमताज महल का मकबरा और दुनिया की प्रसिद्ध इमारत ताजमहल का दीदार करता था, वहीं इसके बाद औरंगजेब मुगल साम्राज्य का उत्तराधिकारी बन गया। वहीं इसी आगरा के किले में 31 जनवरी, साल 1666 में शाहजहां की मृत्यु हो गई थी।

1761 ईसवी में पानीपत की तीसरी लड़ाई में मराठा शासक की हार के बाद अहमद शाह अब्दाली ने इस किले पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया।

इसके बाद 1785 ईसवी में इस किले पर महादजी शिंदे ने अपना शासन जमाया, फिर इसके बाद 1803 ईसवी में दूसरे एंग्लो-मराठा युद्ध के दौरान अंग्रेजों ने आगरा के इस विशाल किले पर अपना अधिकार हासिल किया और वह इस किले का इस्तेमाल अपने निजी कामों के लिए भी करते रहे।

18वीं सदी के प्रारंभ में इस विश्व विरासत आगरा किले (Agra ka Kila) पर मराठा साम्राज्य ने अपना शासन कायम कर लिया। इसके बाद इस किले पर कई अलग-अलग शासकों ने अपना कब्जा जमाया।

वहीं 1857 ईसवी में भारत की आजादी की पहली लड़ाई (भारतीय स्वतंत्रता संग्राम) के दौरान आगरा का किला युद्ध स्थली बना। वहीं इसके बाद करीब 1 सदी तक 15 अगस्त 1947 तक इस किले पर अंग्रेजों का ही शासन चला। साल 2004 में इस किले को अपनी अनूठी वास्तुकला के लिए आगा खान पुरस्कार से भी नवाजा भी गया।

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आगरा किले की संरचना – Agra Fort Architecture

आगरा में लाल किला तीन किलोमीटर के दायरे में फैला है और 70 फीट ऊंची दीवार से घिरा है। दीवारें लाल राजस्थान से लाए गए बलुआ पत्थर से बनी हैं और वे सभी दिशाओं से किले को पूरी तरह से घेरे हुए हैं। किले के चारों तरफ चार मुख्य द्वार हैं। इनमें से एक द्वार को खिजरी गेट के नाम से जाना जाता है और यह नदी के सामने की तरफ खुलता है।

किले के भीतर मुगल वास्तुकला के बेहतरीन उदाहरण दिल्ली गेट, अमर सिंह गेट और बंगाली महल हैं। ये संरचनाएं न केवल मुगल वास्तुकला का प्रतिनिधित्व करती हैं, बल्कि अकबरी वास्तुकला के भी बेहतरीन उदाहरण हैं जिन्हें इंडो-इस्लामिक वास्तुकला के रूप में भी जाना जाता है। इन संरचनाओं के बीच दिल्ली गेट को इसकी कारीगरी और स्थापत्य कला के लिए सबसे प्रमुख माना जाता है। आज भी, इसे अकबर की उत्कृष्ट कृति के रूप में माना जाता है।

आगरा किले (Agra Frt) की वास्तुकला से जुड़ी एक दिलचस्प किंवदंती भी है। कहा जाता है कि किले के शाही कमरों को इस तरह से बनाया गया था कि वे गर्मियों के दौरान भी ठंडे रहें।

आगरा के किले की जानकारी – Agra Fort Information

Agra Fort Information – आगरा किले (Agra Kila) की खूबसूरती को देखते हुए यूनेस्को ने इसे वर्ल्ड हेरिटेज की लिस्ट में शामिल किया है। दुनिया के सात आश्चचर्यों में से एक ताजमहल भी यही पर स्थित इस ऐतिहासिक आगरा के किले (Agra Fort) के अंदर कई अनूठी संरचनाएं बनी हुई हैं।

जहांगीर महल – Jahangir Mahal Agra Fort

आगरा के किले (Agra Ka Kila) में अमर सिंह द्वार से प्रवेश करते ही सबसे पहले जहांगीर महल (Jahangir Mahal Agra Fort) नजर आएगा। जहांगीर अकबर का बेटा था और उसके पिता के बाद मुगल साम्राज्य पर शासन करने के लिए अगली पंक्ति में था। जहांगीर महल (Jahangir Mahal Agra Fort) को अकबर ने एक महिला क्वार्टर के रूप में बनवाया था और उसका निर्माण उसकी पसंदीदा रानी जोधाबाई के कक्षों से किया गया था।

खास महल – Khas Mahal Agra Fort

आगरा किले (Agra Fort)में एक और महत्वपूर्ण सरंचना (Khas Mahal Agra Fort) खास महल है, जिसके निर्माण में हिंदू रूपांकनों के स्पर्श के साथ कुछ शास्त्रीय फारसी और इस्लामी प्रभाव हैं। यहां सम्राट आराम करते थे। Khas Mahal Agra Fort की अनूठी विशेषता संगमरमर की सतह पर इसकी खूबसूरत पेंटिंग है।

मुसम्मन बुर्ज – Musamman Burj Agra Fort

खास महल के बाईं ओर (Musamman Burj Agra Fort) मुसम्मन बुर्ज है, जिसे शाहजहाँ ने भी बनवाया था। आकार में अष्टकोणीय इस टॉवर में एक खुला मंडप है जहां सम्राट खुली हवा का अक्सर आनंद लिया करते थे। यह वह जगह (Musamman Burj Agra Fort) थी जहाँ शाहजहाँ ने अपने अंतिम दिन बिताए थे, जहाँ से वह अपनी प्यारी पत्नी की कब्र ताजमहल को देखता था।

शीश महल – Sheesh Mahal Agra Fort

आगरा किले में सबसे उत्तम निर्माणों में से एक, शीश महल (Sheesh Mahal Agra Fort) एक ‘हरम’ या ड्रेसिंग रूम है। इस महल के अंदर छोटे-छोटे दर्पणों को बड़ी ही खूबसूरती से सजाया गया है, इसलिए इसका नाम शीश महल (Sheesh Mahal Agra Fort) पड़ा।

दीवान- ए-ख़ास – Deewan E Khas Agra Fort

शीश महल के दाईं ओर (Deewan E Khas Agra Fort) दीवान-ए-ख़ास है, जो विशेष रूप से निजी दर्शकों के लिए एक हॉल के रूप में था। इसे संगमरमर के खंभों से सजाया गया है जो अर्द्ध कीमती पत्थरों से जड़ा है।

दीवान-ए आम – Deewan E Aam Agra Fort

आगरा का किले में  यह वह हॉल था (Deewan E Aam Agra Fort) जो आम जनता के लिए खुला था। यहां पर एक बहुत प्रसिद्ध मयूर सिंहासन स्थित था, जिसे सफेद संगमरमर से सजाया गया था।

नगीना मस्जिद – Nagina Masjid

इस मस्जिद (Nagina Masjid) का निर्माण सम्राट शाहजहां ने दरबार की महिलाओं के लिए एक निजी मस्जिद के रूप में करवाया था।

मोती मस्जिद – Moti Masjid

मोती मस्जिद (Moti Masjid) आगरा के किले में स्थित एक अत्यंत सुंदर संरचना है। मस्जिद की इमारत अब पर्यटकों के लिए बंद है। मोती मस्जिद (Moti Masjid) के पास मीना मस्जिद है, जो सम्राट शाहजहां का निजी मंदिर था।

आगरा किले को देखने का समय – Agra Fort Timings

Agra Fort Timings – 6.00 AM – 6.00 PM. पर्यटकों को अचे से घूमने और फोटो लेने के लिए गाइड और फ़ोटोग्राफ़रों को नियुक्त करने की सलाह दी जाती है जो अपने पहचान पत्र प्रदर्शित करते हैं, सभी मह्त्वपूर्ण जानकारी (Agra Fort Information) भी देते है।

आगरा किले का प्रवेश शुल्क – Agra Fort Entry Fee

भारतीयों के लिए प्रवेश शुल्क: 20 रु। विदेशियों के लिए प्रवेश शुल्क: 300 रु। 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए कोई प्रवेश शुल्क नहीं।

आगरा फोर्ट तक कैसे पहुंचे – How To Reach Agra Fort 

फ्लाइट द्वारा – Agra By Air

आगरा का पंडित दीनदयाल उपाध्याय एयरपोर्ट भारत के सभी प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। इसलिए आप किसी भी फ्लाइट से सीधे आगरा तक आ सकते हैं। एयरपोर्ट से आगरा फोर्ट तक जाने के लिए यहां कैब की सुविधा भी उपलब्ध है।

रेल द्वारा – Agra Fort Station

भारत के विभिन्न शहरों से आगरा के लिए चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों की एक अच्छी आवृत्ति है। आगरा रेलवे स्टेशन से आगरा फोर्ट तक अक्सर ऑटो और कैब सेवाएं उपलब्ध हैं।

सड़क मार्ग द्वारा – Agra By Bus

आगरा राष्ट्रीय राजमार्गों, अर्थात् दिल्ली और वाराणसी (NH 2), जयपुर (NH 11) और ग्वालियर (NH 3) के माध्यम से प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।

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