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भारत के ऐतिहासिक किले – Famous Forts in India

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भारत के किले  – Forts in India

Famous Forts in India – आज इस लेख में हम आपको भारत के सबसे बड़े (Largest Forts in India) प्रसिद्ध किलों (Forts in India) और उनके इतिहास (Indian Forts History) के बारें में बताएँगे.

मेहरानगढ़ किला, जोधपुर – Mehrangarh Fort

राव जोधा द्वारा बनवाया गया यह किला राजस्थान के जोधपुर शहर (Forts in India) में स्थित है। काफी ऊंचाई पर स्थित यह किला 500 साल से भी ज्यादा पुराना (Indian Forts History) माना जाता है। 

इस किले (Mehrangarh Fort) में सात गेट हैं। प्रत्येक गेट राजा के किसी युद्ध में जीतने पर स्मारक के रूप में बनवाया गया था। किले के अंदर मोती महल, शीश महल, चामुंडा देवी का मंदिर और म्यूजियम इस किले के अंदर ही हैं। इस किले का म्यूजियम राजस्थान (Mehrangarh Fort and Museum) का सबसे अच्छा म्यूजियम माना जाता है। मेहरानगढ़ किला (Mehrangarh Fort) जिसको मेहरान किले के रूप में भी जाना जाता है। इस किले को 1459 में राव जोधा द्वारा जोधपुर में में बनवाया गया था। यह किला देश के सबसे बड़े किलों में से एक है और 410 फीट ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है।

मेहरानगढ़ किला (Mehrangarh Fort) विशाल दीवारों द्वारा संरक्षित है जहां पर कई तरह की हॉलीवुड और बॉलीवुड की शूटिंग हुई है जिनमे द लायन किंग, द डार्क नाइट राइज और ठग्स ऑफ हिंदोस्तान के नाम शामिल हैं। इस किले का प्रवेश द्वारा एक पहाड़ी के ऊपर है जो बेहद शाही है। किले में सात द्वार हैं जिनमें विक्ट्री गेट, फतेह गेट, भैरों गेट, डेढ़ कामग्रा गेट, फतेह गेट, मार्टी गेट और लोहा गेट के नाम शामिल है।

Indian Forts History इस सभी गेटों का निर्माण अलग-अलग समय में किया गया था और इन्हें एक विशिष्ट उद्देश्य के चलते बनाया गया था। यहां पर जयपुर और बीकानेर सेनाओं पर महाराजा मान सिंह की जीत के उपलक्ष्य में विजय द्वार का निर्माण भी किया गया था। इसके अलावा किले में शीश महल (ग्लास पैलेस) और फूल महल (रोज पैलेस) जैसे आकर्षक महल भी हैं। 

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लाल किला, दिल्ली – Red Fort

जब किलों की बात होती है ‍तो जुबान पर लाल किले (Red Fort) का नाम सबसे पहले आता है। यह किला दुनियाभर (Forts in India) में प्रसिद्ध है। यह किला दिल्ली में स्थित है। इस किले (Red Fort) के अंदर देखने लायक कई चीजें हैं। मोती मस्जिद, दीवान-ए-आम और दीवान-ए-खास देखने के लिए काफी लोग रोज ही आते हैं।

यह किला यमुना नदी के किनारे है। यह भारत की सबसे महत्वपूर्ण धरोहरों में से एक है, जहां से देश के प्रधानमंत्री देश के लोगों को संदेश देते हैं और स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराते हैं। लाल किले (Red Fort) का निर्माण तोमर (Indian Forts History) शासक राजा अनंगपाल ने 1060 में किया था। बाद में पृथ्वीराज चौहान ने इसका पुनर्निर्माण कराया और फिर मुगलों के शासन के दौरान इस किले को मुगल बादशाह शाहजहां ने तुर्क लुक दिया।

लाल कोट अर्थात लाल रंग का किला (Red Fort), जो कि वर्तमान दिल्ली क्षेत्र का प्रथम निर्मित नगर था। इसकी स्थापना तोमर शासक राजा अनंगपाल ने 1060 में की थी। साक्ष्य बताते हैं कि तोमर वंश ने दक्षिण दिल्ली क्षेत्र में लगभग सूरजकुंड के पास शासन किया, जो 700 ईस्वी से आरंभ हुआ था। फिर चौहान राजा पृथ्वीराज चौहान ने 12वीं सदी में शासन ले लिया और उस नगर एवं किले का नाम किला राय पिथौरा रखा था। राय पिथौरा के अवशेष अभी भी दिल्ली के साकेत, महरौली, किशनगढ़ और वसंतकुंज क्षेत्रों में देखे जा सकते हैं।

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आगरा का किला – Agra Fort

उत्तरप्रदेश के आगरा में स्थित (Forts in India) आगरा का किला (Agra Fort) यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में दर्ज है। इस किले में मुगल बादशाह बाबर, हुंमायूं, अकबर, जहांगीर, शाहजहां व औरंगजेब रहते थे। यहीं से उन्होंने आधे भारत पर शासन किया। ये सभी विदेशी थे जिन्हें भारत में ‘तुर्क’ कहा जाता था।

Indian Forts History इन तुर्क शासकों ने इस चौहानवंशी किले पर कब्जा करके इसे अरबी लुक दिया। आगरा का किला (Agra Fort) मूलतः एक ईंटों का किला था, जो चौहान वंश के राजपूतों के पास था। इस किले का प्रथम विवरण 1080 ईस्वी में आता है, जब महमूद गजनवी की सेना ने इस पर कब्जा कर लिया था। पुरुषोत्तम नागेश ओक की किताब ‘आगरे का लाल किला (Agra Fort) हिन्दू भवन है’ में भी इसका जिक्र है।सिकंदर लोधी (1487-1517) ने भी इस किले में कुछ दिन गुजारे थे। लोधी दिल्ली सल्तनत का प्रथम सुल्तान था। उसकी मृत्यु भी इसी किले में 1517 में हुई थी। इसके बाद उसके पुत्र इब्राहीम लोधी ने गद्दी संभाली।

पानीपत के युद्ध के बाद यह किला (Agra Fort) मुगलों के हाथ में आ गया। यहां उन्हें अपार संपत्ति मिली। फिर इस किले में इब्राहीम के स्थान पर बाबर आया और उसने यहीं से अपने क्रूर शासन का संचालन किया।

इतिहासकार अबुल फजल ने लिखा है कि यह किला एक ईंटों का किला था जिसका नाम बादलगढ़ था। यह तब खस्ता हालत में था तब अकबर ने इसका जीर्णोद्धार करवाया। हिन्दू शैली में बने किले के स्तंभों में बाद में तुर्क शैली में नक्काशी की गई। बाद में अकबर के पौत्र शाहजहां ने इसे अपने तरीके से रंग-रूप दिया। उसने किले (Agra Fort) के निर्माण के समय राजपुताना समय की कई पुरानी इमारतों व भवनों को तुड़वा भी दिया था।

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चित्तौड़गढ़ का किला – Chittorgarh Fort

यह किला (Chittorgarh Fort) राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में स्थित है। चित्तौड़गढ़ में भारत के सबसे पुराने (Forts in India) और भव्य किले (Largest Forts in India) देखने को मिलेंगे। उन्हीं किलों में से एक चित्तौड़ का किला (Chittorgarh Fort) है। यह किला बेराच नदी के किनारे स्थित जमीन से लगभग 500 फुट ऊंचाई वाली एक पहाड़ी पर बना हुआ है। इसे ‘पानी का किला’ भी कहा जाता है, ‍क्योंकि यहां 84 पानी की जगहें हैं। चित्तौड़गढ़ का किला (Chittorgarh Fort) चित्तौड़गढ़-बूंदी रोड से लगभग 4 से 5 किमी की दूरी पर स्थित है।

Indian Forts History इस किले (Chittorgarh Fort) में 7 दरवाजे हैं जिनके नाम हिन्दू देवताओं के नाम पर पड़े हैं। प्रथम प्रवेश द्वार पैदल पोल के नाम से जाना जाता है, जिसके बाद भैरव पोल, हनुमान पोल, गणेश पोल, जोली पोल, लक्ष्मण पोल और अंत में राम पोल है, जो सन् 1459 में बनवाया गया था। किले की पूर्वी दिशा में स्थित प्रवेश द्वार को सूरज पोल कहा जाता है। इस किले (Chittorgarh Fort) में कई सुंदर मंदिरों के साथ-साथ रानी पद्मिनी और महाराणा कुम्भा के शानदार महल हैं।

हालांकि इस किले के कई हिस्से अब खंडहर में बदल चुके हैं। लगभग 700 एकड़ के क्षेत्र में फैला चित्तौड़गढ़ का यह किला (Chittorgarh Fort) राजपूत शौर्य के इतिहास में गौरवपूर्ण स्थान रखता है। यह किला 7वीं से 16वीं शताब्दी तक सत्ता का एक महत्वपूर्ण केंद्र हुआ करता था। इस किले पर 3 बार आक्रमण किए गए। पहला आक्रमण सन् 1303 में अलाउद्दीन खिलजी द्वारा, दूसरा सन् 1535 में गुजरात के बहादुरशाह द्वारा तथा तीसरा सन् 1567-68 में मुगल बादशाह अकबर द्वारा किया गया था।

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सोनार किला – Sonar Fort

(Forts in India) राजस्थान में पहाड़ी दुर्ग, जल दुर्ग, वन दुर्ग और रेगिस्तानी दुर्ग के बेमिसाल उदाहरण देखने को मिलते हैं। जैसलमेर के किले (Sonar Fort) को ‘रेगिस्तानी दुर्ग’ कहते हैं। रेगिस्तान के बीचोबीच स्थित यह दुनिया के सबसे बड़े किलों (Largest Forts in India) में से एक है। इसे रावल जैसवाल ने 1156 ईस्वी में बनवाया था। जैसलमेर किले को ‘सोनार किले’ (Sonar Fort) के नाम से भी जाना जाता है।

सुबह सूर्य की अरुण चमकीली किरणें जब इस दुर्ग (Sonar Fort)पर पड़ती हैं तो बालू मिट्टी के रंग-परावर्तन से यह किला पीले रंग से दमक उठता है। सोने-सी आभा देने के कारण इसे ‘सोनार किला’ (Sonar Fort) या ‘गोल्डन फोर्ट’ भी कहा जाता है। इस दुर्ग (Sonar Fort) की विशालता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस दुर्ग के चारों ओर 99 गढ़ बने हुए हैं। इनमें से 92 गढ़ों का निर्माण 1633 से 1647 के बीच हुआ था।

यह किला (Sonar Fort) शहर से 76 किमी दूर त्रिकुटा पहाड़ी पर त्रिकोण आकार में बनाया गया है। किले में सबसे ज्यादा आकर्षक जैन मंदिर, रॉयल पैलेस और बड़े दरवाजे हैं। जैसलमेर रेगिस्तान का शहर है, जो त्रिकुटा पहाड़ी, हवेलियों और झीलों के लिए प्रसिद्ध है।

Indian Forts History यही वह दुर्ग (Sonar Fort) है जिसने 11वीं सदी से 18वीं सदी तक अनेकानेक उतार-चढ़ाव देखते गौरी, खिलजी, फिरोजशाह तुगलक और ऐसे ही दूसरे मुगलों के भीषण हमलों को लगातार झेला है। कभी सिंधु, मिस्र, इराक, कांधार और मुलतान आदि देशों का व्यापारिक कारवां देश के अन्य भागों को यहीं से जाता था। कहते हैं कि 1661 से 1708 ई. के बीच यह दुर्ग (Sonar Fort) नगर समृद्धि के चरम शिखर पर पहुंच गया। व्यापारियों ने यहां स्थापत्य कला में बेजोड़ हवेलियों का निर्माण कराया तो हिन्दू, जैन धर्म के मंदिरों की आस्था का भी यह प्रमुख केंद्र बना।

कहा जाता है कि महाभारत काल में जब युद्ध समाप्त हो गया और भगवान कृष्ण ने अर्जुन को साथ लेकर द्वारिका की ओर प्रस्थान किया, तब इसी नगर से कभी उनका रथ गुजरा था। रेगिस्तान के बीचोबीच यहां की त्रिकुट पहाड़ी पर कभी महर्षि उत्तुंग ने तपस्या की थी।

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पन्हाला किला – Panhala Fort

(Forts in India) पन्हाला किला (Panhala Fort) महाराष्ट्र के पन्हाला क्षेत्र में है। इस किले का निर्माण लगभग 900 साल पहले 12वीं शताब्दी में राजा भोज ने कराया था। इस किले का निर्माण सुरक्षा के उद्देश्य से किया गया था और यहां पर प्रवेश मजबूत दोहरी दीवारों से किया जा सकता था। पन्हाला किले (Panhala Fort) को पन्हालगढ़, पाहाला और पनाल्ला के नाम से भी जाना जाता है। इसका शाब्दिक अर्थ है ‘सांपों का घर’। पन्हाला किला (Panhala Fort) महाराष्ट्र के कोल्हापुर से उत्तर-पश्चिम दिशा में 20 किलोमीटर दूर स्थित है। इसका निर्माण शिल्हर शासक भोजा I

Indian Forts History द्वारा सन् 1178 से 1209 के बीच सहयाद्री पर्वत श्रृंखला से जुड़े ऊंचे भू-भाग पर करवाया गया था। इस किले (Panhala Fort) का आकार कुछ त्रिकोण-सा है और चारों तरफ के परकोटे की लंबाई लगभग 7.25 किलीमीटर बताई जाती है।

यह किला (Panhala Fort) कई राजवंशों के अधीन रह चुका है। यादवों, बहमनी, आदिलशाही आदि के हाथों से होते-होते सन् 1673 में इस किले का आधिपत्य छत्रपति शिवाजी के अधीन हो गया। शिवाजी ने इस किले को अपना मुख्यालय बना लिया था।

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सिंधुदुर्ग – Sindhudurg 

(Forts in India) ‘सिंधुदुर्ग’ (Sindhudurg) नाम मूल रूप से मराठी शब्द है जिसका मतलब है- महासागर पर निर्मित किला या महासागर किला। सिंधुदुर्ग किले को छत्रपति शिवाजी द्वारा 1664 से 1667 तक 3 साल के भीतर बनवाया गया था। ‘कर्टे द्वीप’ पर खड़े इस विशाल किले (Sindhudurg) का निर्माण करने के लिए गोवा से 100 पुर्तगाली वास्तुविज्ञ और 3,000 मजबूत कारीगरों को तैनात किया गया था। 

Indian Forts History यह किला (Sindhudurg) मराठा साम्राज्य के स्वर्णिम युग का मूक गवाह और अरब सागर में मराठों के आधिपत्य का प्रत्यक्ष प्रमाण है। किले में शिवाजी को समर्पित एक मंदिर भी है जिसे राजाराम ने बनवाया था। किले की (Sindhudurg) दीवारों पर राजा के हाथ और पैरों के निशान देखे जा सकते हैं। मुंबई से 400 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सिंधुदुर्ग (Sindhudurg) ऊंचे पहाड़ों, समंदर का किनारा और एक शानदार दृश्यों के साथ संपन्न यह जगह पर्यटकों को आकर्षित करती है।

पूरा जिला ही घने वन से आच्छादित है। वनस्पतियों और पशु वर्ग की बहुत-सी प्रजातियां किसी भी प्रकृति प्रेमी को खुश करने के लिए काफी हैं। तेंदुआ, जंगली सूअर, नेवला, जंगली खरगोश, हाथी, जंगली भैंस और मकाक बंदर जैसे जंगली जानवर यहां पाए जाते हैं। सिंधुदुर्ग (Sindhudurg) किले में 42 बुर्ज के साथ टेढ़ी-मेढ़ी दीवारें हैं। निर्माण सामग्री में ही करीब 73,000 किलो लोहा शामिल हैं।

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ग्वालियर किला – Gwalior Fort

Indian Forts History मध्यप्रदेश स्थित ग्वालियर में राणा मानसिंह तोमर ने एक किला (Gwalior Fort) बनाया था। किले के अंदर कदम रखते ही वहां पर तीन मंदिर, छः महल एवं जलाशय स्थित हैं। मान्यता है कि उत्तर एवं केंद्र भारत में ग्वालियर किला (Forts in India) बहुत ही सुरक्षित है। किले में कई तरह के भव्य मंदिर स्थित है। इन मंदिरों में हजारों भक्त एकत्रित होते हैं। तेली-का-मंदिर में नौवीं सदी के द्रविड़ वास्तुशिल्प से प्रभावित होकर खूबसूरत स्मारक बनाए गए हैं। ग्वालियर किले (Gwalior Fort) में भिन्न प्रकार के महल स्थित हैं जैसे कि करण महल, जहाँगीर महल, शाहजहाँ मंदिर एवं गुरजरी महल आदि।

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गोलकोंडा किला – Golconda Fort 

Indian Forts History आंध्र प्रदेश के हैदराबाद शहर में कोल्लू झील के पास बसे हीरे की खान के लिए प्रसिद्ध गोलकोंडा का किला (Golconda Fort) काकतिया राजा ने बनवाया था। यह किला (Golconda Fort) अपने समृद्ध इतिहास और राजसी भव्य संरचना के लिए जाना जाता है। इस किले (Golconda Fort) को हैदराबाद के सात आश्चर्य के रूप में जाना जाता है। इस किले (Golconda Fort) के अलावा यहां पर आपको चारमीनार, बिरला मंदिर, रामोजी फिल्म सिटी, हुसैन सागर, सालारजंग म्यूजियम और मक्का मस्जिद जैसी कई दर्शनीय जगहें हैं।

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कांगड़ा किला – Kangra Fort

Indian Forts History हिमालयीन राज्य हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी में बाणगंगा और माझी नदियों के संगम पर कांगड़ा के शाही परिवार ने इस किले (Kangra Fort) का निर्माण किया था। यह दुनिया के सबसे पुराने किलो (Forts in India) में से एक है। इस किले (Kangra Fort) में वज्रेश्वरी मंदिर है। किलों और मंदिरों के अलावा हिमाचल अपनी खूबसूरती के लिए भी प्रसिद्ध है। हिमाचल की काफी सारी इमारतें धर्मशाला के पास भी हैं।

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